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Fastag क्या है ? फास्टैग से समय और ईंधन की बचत, पेमेंट करने पर 2.5% कैशबैक

1 दिसंबर से सभी टोल प्लाजा पर फास्टैग अनिवार्य होने जा रहा है। अगर नेशनल हाईवे पर टोल प्लाजा पर बिना रुके वाहन निकालना है, तो फास्टैग बनवाना जरूरी होगा। केंद्र सरकार के नए नियमों के अनुसार अब टोल प्लाजा पर केवल एक ही लेन कैश टोल की होगी, अन्य सभी लेन से सिर्फ Fastag वाले वाहन ही निकल सकेंगे। फास्टैग यूजर वाहन अगर अपनी लेन से निकलेंगे तो उन्हें समय की बचत के साथ-साथ 2.5 प्रतिशत कैशबैक भी मिलेगा।

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जो प्रत्येक ट्रांजेक्शन के बाद फास्टैग से लिंक्ड बैंक खाते में पैसे सीधे जमा हो जाएंगे। टोल प्लाजा के अलावा बैंक शाखा से वाहन चालक फास्टैग कार्ड बनवा सकते हैं, महज 400 रुपये के खर्च में लाइफटाइम वैलिडिटी मिलेगी। फिर भविष्य में मोबाइल की तरह ही रिचार्ज कर इसे इस्तेमाल कर सकते हैं।

फास्टैग (Fastag) क्या है ?

Fastag क्या है फास्टैग से समय और ईंधन की बचत, पेमेंट करने पर 2.5% कैशबैक

फास्टैग 1 दिसंबर से देश के सभी नेशनल हाईवे पर पूरी तरह से लागू हो जाएगा।
फास्टैग नॉन-ट्रांसफरेबल है, इसे एक व्हीकल में ही इस्तेमाल किया जा सकेगा।
ट्रांजेक्शन पूरा होने पर यूजर को मैसेज से कटौती की जानकारी मिलेगी।
वर्तमान में 60 लाख Fastag उपयोगकर्ता हैं, रोजाना औसतन 10 लाख ट्रांजेक्शन होते हैं।

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1 दिसंबर से वाहन चालकों को टोल टैक्स देने के लिए टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा। सरकार इस दिन से देशभर के सभी नेशनल हाईवे पर फास्टैग की सुविधा लागू होने जा रही है। अब इसी टेक्नोलॉजी के जरिए टोल पेमेंट कलेक्ट किया जाएगा। यह सिस्टम रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) टेक्नोलॉजी पर काम करता है। इसमें वाहन चालक टोल प्लाजा पर बिना रुके पेमेंट कर सकेंगे। इससे न सिर्फ हाइवे पर सफर करने वाले लोगों को राहत मिलेगी बल्कि टैक्स पेमेंट करने के लिए लंबी कतारों में भी नहीं लगना पड़ेगा। इसे समय और ईंधन की खपत को भी कम किया जा सकेगा।

फास्टैग लगी गाड़ियों को टोल प्लाजा पर पर्ची लेने के लिए रुकने की जरूरत नहीं होती, जिससे फ्यूल और टाइम दोनों की बचत होगी। वहीं यदि नॉन फास्टैग गाड़ी गलती से भी फास्टैग लेन से निकली, तो उस वाहन चालक पर डबल जुर्माना होगा।

2014 में देशभर में पायलेट प्रोजेक्ट के तौर फास्टैग को लागू किया गया। इसी साल सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने भी इसकी टेस्टिंग करने के लिए देशभर के सभी टोल प्लाजा पर अलग से इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन लेन बनवाया, जिससे फास्टैग कार्ड से लैस वाहन पेमेंट कर सके। इसे पूरी तरह से लागू करने के लिए सरकार ने लगभग 23 बैंकों के साथ पार्टनरशिप की है, ताकि लोगों तक इसे आसानी से पहुंचाया जा सके।

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वाहनों की कैटेगरी के लिए अलग-अलग रंगों का होगा फास्टैग

  • बैगनी रंग का फास्टैग कार, जीप, वैन जैसे हल्के वाहनो के लिए होगा
  • पीले रंग का फास्टैग बस, 3 एक्सल/ट्रक एक्सल-रिजिड/ट्रक एक्सल सेमी आर्टिकुलेडिट वाहनों के लिए होगा
  • मजेंटा रंग का फास्टैग ट्रक 4 एक्सल/ ट्रक 5 एक्सेल/ट्रक 6 एक्सल के लिए होगा

क्या है Fastag? कैसे काम करेगा ?

नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ( एनपीसीआई) ने नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (एनईटीसी) प्रोग्राम तैयार किया, जिसके जरिए इलेक्ट्रॉनिक टोलिंग की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। इसके मुख्य आधार फास्टैग है। यह रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) टेक्नोलॉजी पर काम करता है। इस तकनीक के जरिए यूजर चलती गाड़ी से टोल पेमेंट कर सकेगा। इसमें फास्टैग से लिंक प्रीपैड और सेविंग अकाउंट से कटौती होगी। यह फास्टैग टैग गाड़ी के विंडस्क्रीन पर लगाया जाएगा और एनईटीसी सपोर्ट करने वाले टोल प्लाजा से गुजरते ही टोल पेमेंट हो जाऐगा।

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जैसे ही गाड़ी टोल प्लाजा पर पहुंचती है, वहां लगी डिवाइस गाड़ी की विंडस्क्रीन पर लगे टैग को रीड कर लेती है, और तुरंत टोल कट जाता है। अभी तक की व्यवस्था में कार्ड रीड होते ही बैरियर खुद-ब-खुद उठ जाता था। यूजर के फास्टैग अकाउंट से होने वाले सभी ट्रांजेक्शन की जानकारी उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस से मिलती है।

एनपीसीआई ने अपनी वेबसाइट में कहा कि फास्टैग से न सिर्फ यूजर को कैशलेस पेमेंट की सुविधा मिलेगी बल्कि समय और ईंधन की खपत को भी कम किया जा सकेगा क्योंकि इस पूरे सिस्टम में यूजर को टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा।

फास्टैग को कैसे और कहां से लिया जा सकता है?

भारत सरकार 1 दिसंबर से फास्टैग लागू करने जा रही है। नए वाहनों खरीदने कई बड़ी ऑटो कंपनियां पहले से ही फास्टैग पहले से दिया जा रहा है। पुराने वाहनों उपयोगकर्ताओं को फास्टैग मुहैया कराने के लिए सरकार में देश के 23 बैंकों से अनुबंध किया है। इसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक समेत कई अन्य बैंकों से खरीदा जा सकता है। इसे अमेजन से भी खरीदा जा सकेगा।

एसबीआई के ऑनलाइन पेज के मुताबिक, किसी भी वाहन के लिए फास्टैग 100 रुपए में खरीदा जा सकेगा। एसबीआई वाहन की कैटेगरी के हिसाब से 200 रु. से 400 रु. तक रिफंडेबल सिक्योरिटी अमाउंट चार्ज कर रही है, जो टैग डिएक्टिवेट कराते समय यूजर को वापस किया जाएगा।

इसके अलावा पेटीएम से फास्टैग मंगवाने पर कार/जीप/वैन के लिए 500 रुपए चार्ज किया जा रहा है। जिसमें टैग फिस 100 रुपए, सिक्योरिटी डिपोजिट 250 रुपए और मिनिमम बैलेंस 150 रुपए शामिल है।

फास्टैग (Fastag) को बैंक अकाउंट से कैसे लिंक करेंगे और रिचार्ज कैसे होगा?

फास्टैग खरीदने पर इसे माय फास्टैग ऐप की मदद से बैंक अकाउंट से लिंक किया जा सकेगा। इसमें यूजर को व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर डालना होगा, जिसके बाद फास्टैग एक्टिवेट होगा। ऐप पर यूपीआई पेमेंट के जरिए यूजर अपने फास्टैग को रिचार्ज कर सकेंगे।

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इसे पेटीएम से भी खरीदा जा सकेगा। पेटीएम पर वाहन की रजिस्ट्रेशेन नंबर और व्हीकल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट अपलोड कर नए फास्टैग के लिए आवेदन किया जा सकता है। सभी फास्टैग ग्राहकों को टोल पेमेंट करने पर 2.5% कैशबैक भी मिलेगा।

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