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Income Tax Return Filing करते वक्त न करें ये गलतियां, भुगतना पड़ सकता है भारी खामियाजा

अक्सर ज्यादा रिटर्न पाने के चक्कर में लोग इनकम टैक्स रिटर्न फाइल (Income tax return filing) करते वक्त ज्यादा रिटर्न दिखाते हैं, ऐसा करते वक्त यदि आप आयकर विभाग की नजर में आ जाते हैं तो आपके खिलाफ आयकर विभाग कार्यवाही की जा सकती है.

ITR भरते समय कभी न करें ये दी गलती, वरना पड़ जाएगा भारी. आयकर विभाग भी आपको इन गलतियों से बचने के लिए समय-समय पर जागरूक करता रहता है.

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इनकम टैक्स रिटर्न फाइल – Income Tax Return Filing

जैसाकि आप सभी जानते ही हैं की नया वित्त वर्ष 1 अप्रैल से शुरू हो गया है. नौकरीपेशा और बिजनेस करने वाले सभी लोगों को फाइनेंशियल ईयर 2018-19 का इनकम टैक्‍स रिटर्न (ITR) समय से फाइल करना है. इसके लिए आयकर विभाग की तरफ से फॉर्म पहले ही जारी किये जा चुके हैं.

Income Tax Return Filing

आईटीआर फाइल करते समय आपको कुछ बातों का विशेष तौर पर ध्यान रखना होता है, यदि आप आईटीआर भरते समय गलती कर देते हैं तो इससे आपको भविष्य में परेशानी हो सकती है. आयकर विभाग भी इन गलतियों से बचने के लिए समय-समय पर जागरूक करता रहता है. आगे पढ़िए ऐसी ही कुछ गलतियां, जो कई बार आईटीआर भरते हुए हुए आमतौर पर हो जाती है.

ITR Filing Mistakes

इनकम टैक्स रिटर्न ( Filing Income Tax Return) भरने का वक्त चल रहा है. आप में से कई लोग होंगे जो पहली बार ITR फाइल कर रहे होंगे. साथ ही इस बार ITR से जुड़े कई नियम बदल गए हैं. ऐसे में जाने-अनजाने रिटर्न फाइल करते समय कुछ गलतियां हो सकती हैं. हालांकि, गलतियों को रिवाइज रिटर्न के जरिए ठीक कराने का विकल्प टैक्सपेयर्स के पास होता है. लेकिन, समय पर रिटर्न की गलतियां सही नहीं कराई गई तो पेनल्टी का भी सामना करना पड़ सकता है. आज इस आर्टिकल में हम आपको रिटर्न फाइल करते समय आमतौर पर होने वाली कुछ गलतियों के बारे में बताएगें.

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ITR फाइल करते वक्त न करें ये गलती

सेंविग्स पर मिलने वाले ब्याज को जरूर दिखाएं
इनकम टैक्स रिटर्न भरते वक्त सेविंग्स पर मिलने वाले ब्याज को जरूर दिखाएं. अगर आप अपनी इस इनकम को नहीं दिखाते हैं, तो इसे टैक्स चोरी के तौर पर देखा जाएगा और आपके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.

इनकम का पूरा सोर्स स्पष्ट करें

कुछ लोग आईटीआर फाइल करते समय अपनी इनकम के कुछ सोर्स क्लीयर नहीं करते. उनका तर्क होता है कि आईटीआर भरने में सभी चीजें क्लीयर करना जरूरी नहीं है. लेकिन असलियत में ऐसा है नहीं. आईटीआर भरते समय आपको सेविंग अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट या अन्य किसी निवेश से होने वाली आय के बारे में सही-सही जानकारी देनी चाहिए. यदि आप कुछ भी छिपाते हैं तो भविष्य में ये आपके लिए परेशानी का कारण बन सकता है. जानकारी छिपाने पर आयकर विभाग इसे टैक्‍स चोरी मानता है.

गलत ITR फॉर्म न भरें

आयकर विभाग ने कई आईटीआर फॉर्म निर्धारित किए हैं. आपको अपने टैक्स को दर्ज करने के लिए सावधानी से अपना आईटीआर चुनना होगा. अन्यथा, टैक्स विभाग इसे अस्वीकार कर देगा और आपको रिवाइज रिटर्न दाखिल करने के लिए कहा जाएगा.

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अगर आपने अपनी इनकम या सेविंग्स गलत दर्ज कर दी है तो परेशान होने की जरुरत नहीं है क्योंकि आप रिवाइज रिटर्न दाखिल करके रिटर्न को सही कर सकते हैं. इसलिए, अगर आपके द्वारा दायर रिटर्न में कोई गलती मिलती है, तो आपको कोई कार्रवाई करने से पहले टैक्स विभाग से नोटिस का इंतजार नहीं करना चाहिए. इसके बजाए, आपको तुरंत रिवाइज रिटर्न फाइल करनी चाहिए.

इनकम टैक्स फाइल करने के लिए अलग-अलग फॉर्म होते हैं. ये फॉर्म आपकी आय और डिटेल के अनुसार होते हैं. मसलन नौकरीपेशा लोग फॉर्म-1 फाइल करते हैं. वहीं जिनकी सालाना आय 50 लाख या इससे ज्यादा होती है उन्हें आईटीआर-2 भरना होता है. इसके अलावा आईटीआर-3 ऐसे लोगों और हिंदू अविभाजित परिवार की तरफ से भरा जाता है जिनकी सालाना आय में बिजनेस, हाउस प्रॉपटी और अन्य स्रोत से होने वाली इनकम भी शामिल है.

पिछली कंपनी से हुई आय का ब्योरा दें

आयकर रिटर्न भरते वक्त ध्यान रखें कि यदि आपने साल भर के दौरान नौकरी छोड़ कर दूसरी नौकरी से जुड़े हैं तो रिटर्न भरते वक्त दोनों कंपनियों से हुई इनकम का रिटर्न फाइल करें वरना आपको दिक्कतों का सामना कर पड़ सकता है.

फॉर्म 26AS ध्यान से पढ़ें

फॉर्म 26 AS या टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट आपके द्वारा किए गए टैक्स के भुगतान का सभी डिटेल्स दे देते हैं. अपनी टैक्स रिफंड क्लेम करने से पहले इसे जरूर जांच लें. यह टैक्स कैलकुलेशन में किसी भी तरह की गलती से आपको बचाएगा जिससे आप एक सही टैक्स रिटर्न फाइल कर पाएंगे.

कैपिटल गेन्स के लॉस को न छुपाएं

रिटर्न फाइल करने का मतलब यह नहीं है कि आपको सिर्फ अपनी कमाई का ब्यौरा देना है. अक्सर कैपिटल गेन्स से हमें लॉस भी होता है जिसे हम ITR में नहीं दिखाते हैं. ऐसा करना गलत हैं क्योंकि किसी साल में अर्जित लॉस को अपनी रिटर्न में शामिल करके अपनी टैक्सेबल इनकम को कम कर सकते हैं. साथ ही इस लॉस को आने वाले सालों के लिए आप कैरी फॉर्वर्ड भी कर सकते हैं.

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गलत व्यक्तिगत जानकरी न दें

अपनी सभी जानकारी को सही सही ITR फॉर्म में भरें. ये ध्यान दें कि आपके नाम की स्पेलिंग, ईमेल, कॉन्टेक्ट नंबर जैसी जानकारी आपके पैन, ITR और आधार में एक जैसी हो. गलत जानकारी देने पर आपको रिफंड मिलने में मुश्किल होगी. यदि आपकी कोई भी जानकारी गलत हुई तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से आपको नोटिस जारी किया जा सकता है.

टैक्स रिटर्न को वेरीफाई करें

पहली बार टैक्स फाइल करने वाले लोग यह गलती बहुत अधिक करते हैं. वह सोचते हैं कि उनके द्वारा टैक्स रिटर्न भरने के बाद उनका काम खत्म हो गया है. आपको टैक्स रिटर्न फाइल करने के बाद उसे वेरिफाई भी करना होता हैं. आप अपने टैक्स इनकम टैक्स के ई-फाइलिंग पोर्टल से अपने टैक्स को ई-वेरिफाई कर सकते हैं या सीपीसी-बेंगलुरू भेज कर भी उसे वेरिफाई करा सकते हैं.

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समय से फाइल करें आईटीआर

कुछ लोग आईटीआर फाइल करने के लिए एक-एक दिन करके पूरा समय निकाल देते हैं. यदि आप भी उनमें से एक हैं तो ऐसा न करें और समय से आईटीआर फाइल करें. आईटीआर फाइलिंग में देरी करने से आपको जुर्माना देना पड़ सकता है, जिससे आप पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है.

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